"हमारी अंजुमन" के लिए लिखा मेरा लेख दैनिक जागरण ने दिनांक 10 जुलाई को अपने राष्ट्रिय संस्करण में "आस्था का सवाल और धर्म परिर्वतन" शीर्षक के साथ प्रष्ट नंबर 9 (विमर्श) के कॉलम "फिर से" पर प्रकाशित किया.
यह नया पैटर्न है: अहमद बुहारी 31 महीने जेल में रहे, कंपनी बिक गई, फिर कोर्ट
में केस खारिज
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जाँच एजेंसियों के इस्तेमाल पर अक्सर सवाल उठते रहते हैं, राजनैतिक ही नहीं
कारोबारी डील्स के भी पैटर्न सामने आ रहे हैं, अरविंद केजरीवाल के साथ क्या
हुआ, सबन...


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