skip to main
|
skip to sidebar
Home
प्रेम रस
छोटी बात
संदेश
तिरछी नज़र (Photo Blog)
My Facebook
Follow me
Subscribe RSS
मीडिया में...
व्यंग्य
हास्य
समाज
ग़ज़ल
ब्लॉग-राग
मीडिया
तकनीक
धर्म
लघु कथा
दैनिक जागरण में "हिंदी से बेरूखी क्यों?"
Posted on
Wednesday, July 14, 2010
by
Shah Nawaz
in
Labels:
Hindi
,
दैनिक जागरण
,
मातृभाषा
,
हिंदी
(दैनिक जागरण के आज (दिनांक 14 जुलाई) के राष्ट्रिय संस्करण के कॉलम "फिर से" में प्रकाशित)
मेरे ब्लॉग "प्रेम रस" पर इस लेख को पढने एवं टिपण्णी देने के लिए यहाँ चटका लगाएँ
मूल लेख को पढने के लिए यहाँ चटका लगाएँ
0 comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
My Blog List
प्रेमरस
बस हार मत मानो | Never Give Up
-
अगर आज तुम्हें लग रहा है कि सब कुछ खत्म हो गया है… अगर बार-बार हारने के बाद दिल कह रहा है — “अब बस…” तो ज़रा तो ज़रा ठहरिए! सच बताऊँ? हार वही महसूस कर...
छोटी बात
-
About Me
View my complete profile
Blog Archive
►
2013
(2)
►
May
(1)
►
March
(1)
►
2012
(2)
►
January
(2)
►
2011
(5)
►
May
(1)
►
April
(1)
►
February
(3)
▼
2010
(22)
►
November
(3)
►
October
(1)
►
September
(2)
►
August
(1)
▼
July
(5)
हरिभूमि में व्यंग्य: "उफ्फ! यह ट्रैफिक!"
हरिभूमि में व्यंग्य: "दिल का बिल"
दैनिक जागरण में "हिंदी से बेरूखी क्यों?"
दैनिक जागरण में मेरा लेख: आस्था का सवाल और धर्म पर...
हरिभूमि में व्यंग्य: "बहार राजनैतिक मानसून की"
►
June
(6)
►
May
(3)
►
April
(1)
आपकी पसंद
जनसत्ता में "विश्वास की कसौटी"
जनसत्ता के नियमित स्तम्भ "समांतर" में "विश्वास की कसौटी" 20 मई 2010 मेरे ब्लॉग "प्रेम रस" पर इस ल...
दैनिक लोकसत्य में "अब पापा कौन बनेगा"
दैनिक समाचार पत्र " लोकसत्य " के कॉलम 'जीवन दर्शन' में मेरा लेख: अब पापा कौन बनेगा 22 मार्च 2011 (पढने के लिए ले...
हरिभूमि में "क्या हैं अरब देशों की क्रांति के मायने"
दैनिक समाचार पत्र "हरिभूमि" में मेरा लेख: क्या हैं अरब देशों की क्रांति के मायने 24 फ़रवरी 2011 (पढने के लिए लेख की क...
जनसत्ता" में "आतंक का मज़हब"
दैनिक समाचार पत्र "जनसत्ता" में: आतंक का मज़हब 1 मार्च 2013 मेरे ब्लॉग "प्रेम रस" पर इस लेख को पढने के लि...
जनसत्ता में "बदलाव का सिरा"
पिछले तीन-चार महीनों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में जिस गति से बढ़ोतरी दर्ज की गई है, उससे हैरानी होती है कि यह इसके बावजूद हो रहा ह...
लोकसत्य" में "वोट से बदलेगी तकदीर"
दैनिक समाचार पत्र "लोकसत्य" में लेख: वोट से बदलेगी तकदीर 17 जनवरी 2012 (पढने के लिए लेख की कतरन पर क्लिक करें) ...
हरिभूमि में "गैर ज़िम्मेदार मीडिया"
दैनिक समाचार पत्र "हरिभूमि" के कॉलम 'ब्लॉग की दुनिया' में मेरा लेख: गैर ज़िम्मेदार मीडिया 12 अप्रैल 2011 (पढने के ...
दैनिक जनवाणी में "वोटर की सोच से जुदा बदलाव"
दैनिक समाचार पत्र "दैनिक जनवाणी" में: वोटर की सोच से जुदा बदलाव 13 जनवरी 2012 मेरे ब्लॉग "प्रेम रस" पर इ...
हरिभूमि में व्यंग्य: "उफ्फ! यह ट्रैफिक!"
दैनिक समाचार पत्र "हरिभूमि" के आज के संस्करण में मेरा व्यंग्य - "उफ्फ! यह ट्रैफिक!" 26 जुलाई 2010 (पढने के लिए व...
हरिभूमि में व्यंग्य: निगम की तर्ज़ पर सफाई
दैनिक समाचार पत्र "हरिभूमि" के आज के संस्करण में मेरा व्यंग्य: निगम की तर्ज़ पर सफाई 20 सितम्बर 2010 (पढने के लिए व्यंग्य क...
प्रेमरस के पाठक
Copyright (c) 2010.
मीडिया में...
All Rights Reserved.
Post RSS
|
Comments RSS
0 comments:
Post a Comment