हरिभूमि में व्यंग्य: "उफ्फ! यह ट्रैफिक!"

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  • Monday, July 26, 2010
  • by
  • Shah Nawaz
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  • दैनिक समाचार पत्र "हरिभूमि" के आज के संस्करण में मेरा व्यंग्य - 
    "उफ्फ! यह ट्रैफिक!"
    26 जुलाई 2010

    6 comments:

    1. AAPAS MEIN PREM RAKHO DESHPREMIYO............

      IS NAYE THIKANE PAR MILNA KHOOB HUA.
      ALLAH HAM SABHI KO SIRATAL MUSTAQEEM PAR CHALNE KI TAUFEEQ DE.AAMEEN.

      WORD VERIFICATION HATA DEN.

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    2. अर्रे हम यहीं पर टिप्पणी किये देते हैं हुज़ूर.

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    3. हिन्दी ब्लॉगजगत के स्नेही परिवार में इस नये ब्लॉग का और आपका मैं ई-गुरु राजीव हार्दिक स्वागत करता हूँ.

      मेरी इच्छा है कि आपका यह ब्लॉग सफलता की नई-नई ऊँचाइयों को छुए. यह ब्लॉग प्रेरणादायी और लोकप्रिय बने.

      यदि कोई सहायता चाहिए तो खुलकर पूछें यहाँ सभी आपकी सहायता के लिए तैयार हैं.

      शुभकामनाएं !


      "हिन्दप्रभा" - ( आओ सीखें ब्लॉग बनाना, सजाना और ब्लॉग से कमाना )

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    4. आपका लेख पढ़कर हम और अन्य ब्लॉगर्स बार-बार तारीफ़ करना चाहेंगे पर ये वर्ड वेरिफिकेशन (Word Verification) बीच में दीवार बन जाता है.
      आप यदि इसे कृपा करके हटा दें, तो हमारे लिए आपकी तारीफ़ करना आसान हो जायेगा.
      इसके लिए आप अपने ब्लॉग के डैशबोर्ड (dashboard) में जाएँ, फ़िर settings, फ़िर comments, फ़िर { Show word verification for comments? } नीचे से तीसरा प्रश्न है ,
      उसमें 'yes' पर tick है, उसे आप 'no' कर दें और नीचे का लाल बटन 'save settings' क्लिक कर दें. बस काम हो गया.
      आप भी न, एकदम्मे स्मार्ट हो.
      और भी खेल-तमाशे सीखें सिर्फ़ "हिन्दप्रभा" (Hindprabha) पर.
      यदि फ़िर भी कोई समस्या हो तो यह लेख देखें -


      वर्ड वेरिफिकेशन क्या है और कैसे हटायें ?

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    5. आपको तो पता ही होगा पर अवसर देखकर अपनी टिप्पणियाँ चेंप दी हैं. हा हा हा

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    6. ब्‍लागजगत पर आपका स्‍वागत है ।

      किसी भी तरह की तकनीकिक जानकारी के लिये अंतरजाल ब्‍लाग के स्‍वामी अंकुर जी, हिन्‍दी टेक ब्‍लाग के मालिक नवीन जी और ई गुरू राजीव जी से संपर्क करें ।

      ब्‍लाग जगत पर संस्‍कृत की कक्ष्‍या चल रही है ।

      आप भी सादर आमंत्रित हैं,
      http://sanskrit-jeevan.blogspot.com/ पर आकर हमारा मार्गदर्शन करें व अपने सुझाव दें, और अगर हमारा प्रयास पसंद आये तो हमारे फालोअर बनकर संस्‍कृत के प्रसार में अपना योगदान दें ।
      धन्‍यवाद

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